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गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चेतावनी के लकà¥à¤·à¤£
जैसा कि हम सà¤à¥€ जानते हैं कि हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में दो गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ होते हैं, जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से यूरिया, कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨, à¤à¤¸à¤¿à¤¡, आदि जैसे नाइटà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को रकà¥à¤¤ में से छानने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। (जो सà¤à¥€ शरीर में चयापचय के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ हैं) और इस तरह मूतà¥à¤° का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करते हैं।
लाखों लोग विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों के साथ रह रहे हैं और उनमें से अधिकांश को इसके बारे à¤à¤¨à¤• तक नहीं है। यही कारण है कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी को अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• ‘साइलेंट किलर’ के रूप में जाना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकांश लोगों को बीमारी का पता तब तक नहीं चलता जब तक यह उगà¥à¤° रूप धारण नहीं कर लेता। जबकि लोग अपने रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° की नियमित रूप से जांच करवाते रहते हैं, वे अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाने के लिठअपने रकà¥à¤¤ में à¤à¤• सरल कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ परीकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नहीं करवाते। 2015 के गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² बरà¥à¤¡à¤¨ डिजीज (GBD) के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• किडनी रोग (CKD) को à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मृतà¥à¤¯à¥ दर के आठवें पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ दिया गया है।
किडनी विकार के चेतावनी के कई संकेत होते हैं, हालांकि, अधिकांश समय इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनदेखा किया जाता है या किसी और तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ समà¤à¤•र लोग à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाया करते हैं। इसलिà¤, हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बहà¥à¤¤ ही सतरà¥à¤• रहना चाहिठऔर किडनी विकार का कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤•रण परीकà¥à¤·à¤£ (रकà¥à¤¤, मूतà¥à¤° और इमेजिंग सहित) करवाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को किसी नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ के पास जाना चाहिठऔर अपने संदेह को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करना चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर आपको उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, मोटापा, मेटाबॉलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® है, या कोरोनरी आरà¥à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज, और / या किडनी फेल होने का पारिवारिक इतिहास है या आप 60 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के हैं तो आज के यà¥à¤— में आपको नियमित रूप से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की जांच करवाते रहना चाहिà¤à¥¤
जबकि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के निदान का à¤à¤•मातà¥à¤° निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तरीका पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ संबंधी परीकà¥à¤·à¤£ करना है, यहाठकिडनी रोग के कà¥à¤› शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चेतावनी के संकेत दिठगठहैं:
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेतों में से à¤à¤• है टखनों, पैरों या à¤à¥œà¥€ के पास सूजन का दिखना है: à¤à¤¸à¥€ जगहों पर à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ दिखाई देने लगेगी, जो दबाव देने पर पिट करते हैं, और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पिटिंग à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ कहा जाता है। जैसे-जैसे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ अपने काम करने में गड़बड़ी करने लगते हैं, शरीर में नमक जमा होने लगता है, जिससे आपकी पिंडली और टखनों में सूजन आने लगती है। संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अगर किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में इस तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखें तो उसे नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से मिलकर अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का ततà¥à¤•ाल मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करवाना चाहिà¤à¥¤
पेरिऑरà¥à¤¬à¤¿à¤Ÿà¤² à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾: इसमें आंखों के आसपास सूजन दिखने लगता है जो कोशिकाओं या ऊतकों में तरल पदारà¥à¤¥ के संचय के कारण होता है। यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। यह उन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विशेष रूप से होता है जिनमें गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के माधà¥à¤¯à¤® से काफी मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का रिसाव होता है। शरीर से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का नाश इंटà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¤° ऑनà¥à¤•ोटिक दबाव को कम करता है और आंखों के आसपास के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जगहों पर तरल पदारà¥à¤¥ का अतिरिकà¥à¤¤ संचय होने लगता है।
कमजोरी: गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी का à¤à¤• सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में थकावट का होना। जैसे-जैसे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की खराबी बढती जाती है यह लकà¥à¤·à¤£ और अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होता जाता है। सामानà¥à¤¯ दिनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अधिक थका हà¥à¤† महसूस कर सकता है और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गतिविधियों को करने में असमरà¥à¤¥ होता है, तथा उसे बार-बार आराम की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤¸à¤¾ काफी हद तक रकà¥à¤¤ में विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ और अशà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के संचय के कारण होता है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ खराब होते जाते हैं। गैर-विशिषà¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ होने के नाते इसे अकà¥à¤¸à¤° अधिकांश लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनदेखा किया जाता है और इसकी पूरी तरह से जांच नहीं की जाती है।
à¤à¥‚ख में कमी: यूरिया, कà¥à¤°à¤¿à¤à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨, à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जैसे विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के जमा होने से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¥‚ख कम होने लगती है। इसके अलावा, जैसे-जैसे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी बढती जाती है, रोगी के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में बदलाव होता जाता है, जिसे अकà¥à¤¸à¤° रोगियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ धातॠके रूप में बताया जाता है। यदि किसी को दिन में बिना कà¥à¤› खाठà¤à¥€ पेट à¤à¤°à¥‡ का अहसास होता हो, तो दिमाग में खतरे की घंटी बजनी चाहिठऔर उसके गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की जांच करवानी चाहिà¤à¥¤
सà¥à¤¬à¤¹ की मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€: गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के खराब होने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• और लकà¥à¤·à¤£ है सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€ का होना, और इसका पता तब चलता है जब रोगी सà¥à¤¬à¤¹ बाथरूम में अपने दांतों को बà¥à¤°à¤¶ करता है। इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की à¤à¥‚ख à¤à¥€ कम होती जाती है। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ फेल होने के अंतिम चरण में, मरीज को बार-बार उलà¥à¤Ÿà¥€ आती है और à¤à¥‚ख कम लगती है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾: हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° गिरना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पीला दिखने लग सकता है, बिना शरीर से खून का बाहर हà¥à¤à¥¤ यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी की सामानà¥à¤¯ जटिलताओं में से à¤à¤• है। इससे कमजोरी और थकान à¤à¥€ हो सकती है। कई कारणों से यह à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होता है जिसमें à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° कम होना(गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में à¤à¤°à¥€à¤¥à¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¿à¤¤ किया जा रहा है), लोहे का सà¥à¤¤à¤° कम होना, विष संचय के कारण असà¥à¤¥à¤¿ मजà¥à¤œà¤¾ का दमन होना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ होता है।
पेशाब करने की आवृतà¥à¤¤à¤¿ में परिवरà¥à¤¤à¤¨: किसी को अपने मूतà¥à¤° उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ पर बहà¥à¤¤ सावधानी से धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता है। उदाहरण के लिà¤, रोगी के मूतà¥à¤° उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में कमी हो सकती है या उसे अधिक बार पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता महसूस हो सकती है, विशेष रूप से रात में (जिसे रातà¥à¤°à¤¿à¤šà¤° कहा जाता है)। यह à¤à¤• चेतावनी का संकेत हो सकता है और यह संकेत दे सकता है कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की फ़िलà¥à¤Ÿà¤°à¤¿à¤‚ग इकाइयाठकà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो चà¥à¤•ी हैं या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ या बढ़े हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ का संकेत à¤à¥€ हो सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार, मूतà¥à¤° उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में à¤à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ (वृदà¥à¤§à¤¿ या कमी) को अपने नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को तà¥à¤°à¤‚त सूचित करना चाहिà¤à¥¤
मूतà¥à¤° में à¤à¤¾à¤— या रकà¥à¤¤ का होना: पेशाब में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤— मूतà¥à¤° में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को इंगित करता है (जो सामानà¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में नगणà¥à¤¯ होना चाहिà¤)। जब गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ का फ़िलà¥à¤Ÿà¤°à¤¿à¤‚ग तंतà¥à¤° कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है या कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो रहा होता है, तो पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ मूतà¥à¤° से रिसने लगती हैं। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी का संकेत देने के अलावा, मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ टà¥à¤¯à¥‚मर, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी या किसी à¤à¥€ तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत दे सकता है। साथ ही, बà¥à¤–ार या ठंड लगने के साथ पेशाब से निकलने वाला मवाद गंà¤à¥€à¤° हो सकता है और फिर से गंà¤à¥€à¤° मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत हो सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार मूतà¥à¤° के रंग, सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ या पà¥à¤°à¤•ृति में परिवरà¥à¤¤à¤¨ को गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के विशेषजà¥à¤ž को जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ सूचित किया जाना चाहिà¤à¥¤
सूखी और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾: सूखी और खà¥à¤œà¤²à¥€ वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के उनà¥à¤¨à¤¤ होने का संकेत हो सकती है। जैसे-जैसे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम होते जाती है, शरीर में विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का जमाव होता जाता है, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€, सूखापन और दà¥à¤°à¥à¤—ंध होती है।
पीठदरà¥à¤¦ या पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦: पीठ, बाजू या पसलियों के नीचे दरà¥à¤¦ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की गड़बड़ी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं जैसे कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी या पाइलोनफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥¤ इसी तरह, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ या à¤à¤• मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ (गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को जोड़ने वाली टà¥à¤¯à¥‚ब) में पतà¥à¤¥à¤° होने से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हो सकता है। इस तरह के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिठऔर à¤à¤•à¥à¤¸-रे केयूबी या अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¥‡à¤¨ जैसे नियमित इमेजिंग अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आगे की जांच की जानी चाहिà¤à¥¤
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª: किडनी की बीमारी का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª हो सकता है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का निदान करने वाले किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के वृकà¥à¤• à¤à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤²à¤œà¤¿ का पता लगाने के लिठगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की इमेजिंग का विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ विवरण होना चाहिà¤à¥¤ जैसे-जैसे गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बिगड़ती जाती है, शरीर में सोडियम और पानी जमने लगते हैं जिससे उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª होता है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सिरदरà¥à¤¦, पेट में दरà¥à¤¦, अà¤à¤§à¥‡à¤°à¤¾ छाना और शायद गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं।
चेतावनी के संकेतों की पहचान की जागरूकता होने पर और समय पर इलाज करने पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की गड़बड़ी या गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की विफलता से बचा जा सकता है अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ रोगी को डायलिसिस, या गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ करवाना पड़ता है और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लापरवाही करने पर उसकी मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के टिपà¥à¤¸:
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी को रोकने ले लिठकई तरीके हैं। तो, जब तक आपकी किडनी रोगगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ नहीं होती, तब तक आप पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करें? अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की देखà¤à¤¾à¤² के लिठनिमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कà¥à¤› उपाय हैं:
खूब पानी पिà¤à¤‚: यह आपके किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने का सबसे आम और सरल तरीका है। à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी, विशेष रूप से गरà¥à¤® पानी का सेवन करने से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ को शरीर से सोडियम, यूरिया और विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को साफ करने में मदद करता है।
कम सोडियम / नमक वाले आहार: अपने काने में सोडियम या नमक का सेवन नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें। इसका मतलब है कि आपको पैकेजà¥à¤¡ / रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤‚ट के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ परहेज करना होगा। इसके अलावा, अपने खाने में अतिरिकà¥à¤¤ नमक न डालें। कम नमक का आहार गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ पर à¤à¤¾à¤° को कम करता है और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª से संबंधित विकारों के विकास को रोकता है और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी की पà¥à¤°à¤—ति को à¤à¥€ रोकता है।
शरीर का वजन उचित बनाठरखें: सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें और अपना वजन नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें। अपने गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की धमनियों में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के जमाव को रोकने के लिठअपने शरीर के कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° की नियमित जाà¤à¤š करवाà¤à¤à¥¤ इसके अलावा, आहार से संतृपà¥à¤¤ वसा / वसायà¥à¤•à¥à¤¤ तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को दूर रखें और रोजाना ढेर सारे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने पर जोर दें। किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वजन बà¥à¤¨à¥‡ से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ पर à¤à¤¾à¤° बढ़ता है। विशेष रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परिदृशà¥à¤¯ में 24 या उससे कम के बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ के लिठलकà¥à¤·à¥à¤¯ बनाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
नियमित रूप से रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° की जाà¤à¤š करें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ के तहत रखें: मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगियों में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की खराबी बहà¥à¤¤ आम बात है और अगर जलà¥à¤¦à¥€ पता चल जाठतो इसे रोका जा सकता है। इसलिà¤, अपने रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤° पर नियमित जांच रखने, मीठे खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से बचने और à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• से आपको मिलने की सलाह दी जाती है यदि रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा (उपवास या पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¥à¤°à¥ˆà¤‚डियल) सà¥à¤¤à¤° या à¤à¤šà¤¬à¥€à¤ 1सी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो। à¤à¤šà¤¬à¥€à¤ 1सी का सà¥à¤¤à¤° 6.0 से कम रखें।
नियमित रूप से रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª पर नजर रखें और इसे नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें: यदि आपको उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª है, तो अपने चिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤‚टीहाइपरटेनà¥à¤¸à¤¿à¤µ लें, और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन शैली बनाठरखें तथा आहार में आवशà¥à¤¯à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ करें। सामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का सà¥à¤¤à¤° <120/80 होता है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में गड़बड़ी के अलावा सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या दिल का दौरा à¤à¥€ पड़ सकता है।
किडनी फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ करवाà¤à¤‚ जिसमें आपके वारà¥à¤·à¤¿à¤• चेकअप के à¤à¤• à¤à¤¾à¤— के रूप में नियमित रूप से मूतà¥à¤° विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया जाता है: जैसा कि मैंने पहले उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है कि आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मोटापा है या यदि आपकी उमà¥à¤° 60 वरà¥à¤· से अधिक है, तो किडनी फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ, रीनल इमेजिंग, और मूतà¥à¤° विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ नियमित रूप से किया जाना चाहिà¤à¥¤ मूतà¥à¤° में à¤à¥€ मामूली पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का पता लगने पर, अपने नेफà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ से मिलें। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगियों को इसपर विशेष रूप से नजर रखनी चाहिà¤à¥¤
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ें: धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के रोग की पà¥à¤°à¤—ति में बहà¥à¤¤ ही जोखिम कारकों में से à¤à¤• है। यहां तक कि 1 सिगरेट पीने से पहले से कमजोर किडनी को और नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, और सीà¤à¤¡à¥€ के लिठà¤à¥€ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ à¤à¤• जोखिम कारक है। इसलिठकिसी को à¤à¥€ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ तà¥à¤°à¤‚त बंद कर देना चाहिà¤, जो न केवल गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के लिठबलà¥à¤•ि शरीर के समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठà¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
रोजाना नहीं तो हफà¥à¤¤à¥‡ के 7 दिनों में से कम से कम 5 दिन जॉगिंग, साइकलिंग, सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग, रैकेट गेमà¥à¤¸ जैसे खेल खेलें जो रोजाना लगà¤à¤— 45 मिनट तक का हो और इस तरह हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी कसरत करके à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली बनाठरखें। अपनी गतिहीन जीवन शैली को बदलें, कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में घूमें या दोपहर के à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद टहलें या सà¥à¤¬à¤¹-शाम वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
à¤à¤• दिन में कम से कम रात की 8 घंटे की आरामदायक नींद लेकर अपनी जीवनशैली को ठीक से संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करें। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठरात को अचà¥à¤›à¥€ नींद लेना आवशà¥à¤¯à¤• है।
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